Dr Zakir Naik Vs Sri Sri Ravi Shankar Debate Full In Hindi [work] Info
"एकमेवाद्वितीयम्" अर्थात् ईश्वर केवल एक ही है, दूसरा नहीं है।
"एकं एव अद्वितीयम्" (ईश्वर एक ही है, दूसरा नहीं है) - छान्दोग्य उपनिषद (6:2:1)
डॉ. जाकिर नाइक ने अपने चिरपरिचित अंदाज में सीधे धार्मिक ग्रंथों के श्लोकों और आयतों के संदर्भों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने हिंदू और इस्लामी दोनों ग्रंथों को कंठस्थ उद्धृत किया। मुख्य बिंदु: dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
"The Concept of God in Hinduism and Islam in the Light of Sacred Scriptures" zakirnaik.com Feature Overview Original Language : The debate was conducted primarily in Hindi Accessibility
Instead of a formal rebuttal to every point, Sri Sri Ravi Shankar concluded by quoting the poet Kabir , emphasizing that true knowledge comes from love ("Dhai akshar prem ka, padhe so pandit hoye"). Where to Watch (Full Versions) dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
डॉ. जाकिर नाइक बनाम श्री श्री रवि शंकर: ऐतिहासिक महाबहस का पूरा विश्लेषण
हालाँकि डिबेट नहीं हुई, लेकिन दोनों के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि (डॉ. ज़ाकिर मुंबई के, श्री श्री तमिलनाडु के) और दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
: उन्होंने हिंदू और इस्लामी दोनों ग्रंथों का व्यापक रूप से हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों धर्मों के मूल ग्रंथ एकेश्वरवाद (एक ही ईश्वर) की बात करते हैं और वेदों से उद्धरण देकर अपनी बातों को पुष्ट किया। उन्होंने श्री श्री रवि शंकर द्वारा लिखित पुस्तक में कुछ त्रुटियों की ओर भी इशारा किया।
यह ऐतिहासिक संवाद 21 जनवरी 2006 को बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दो अलग-अलग विचारधाराओं के माध्यम से यह समझना था कि हिंदू धर्म और इस्लाम में ईश्वर (भगवान/अल्लाह) को किस रूप में परिभाषित किया गया है।
: डॉ. नाइक ने तर्क दिया कि इस्लाम और हिंदू धर्म में कई समानताएं हैं, जैसे कि एक ईश्वर की अवधारणा और आत्मा की अमरता। श्री श्री रवि शंकर ने तर्क दिया कि सभी धर्मों में समानताएं हैं और हमें एक दूसरे के प्रति समझदारी से पेश आना चाहिए।